बद्र के युद्ध में मुसलमानों को मिलने वाली ईश्वरीय सहायताः
ईश्वर ने फ़रिशतों को मुस्लिम योद्धाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए भेजने के पश्चात उनके पास वहि भेजकर कहा कि मैं तुम्हारे साथ हूं और जिस प्रकार ईमान वालों के हृदयों में आशा उत्पन्न करता हूं। उसी प्रकार काफ़िरों के हृदय में भय और आतंक उत्पन्न कर दूंगा, लेकिन शत्रु को मैं समाप्त नहीं करूंगा, तुम ईमान वालों को मैदान में आना चाहिए और पूरी शक्ति के साथ संघर्ष करके उनकी गर्दन और सिर काट देना चाहिए या फिर अपनी तलवारों से उनके हाथ पैर काट डालने चाहिए ताकि वे न तो भाग सकें और न ही लड़ सकें।
इस आयत से मिलने वाले पाठः
- अगर हम ईमान वाले हों तो ईश्वर हमें हार्दिक शांति प्रदान करेगा तथा हमारे शत्रुओं के हृदय में भय और आतंक उत्पन्न करेगा।
- अगर हम वास्तविक योद्धा हों तो ईश्वर हमारी सहायता करेगा।
- हमें भागकर तथा अपनी जान बचाकर यह आशा नहीं रखनी चाहिए कि ईश्वर शत्रुओं को पराजित कर देगा।